आइए जानते है डोमेन नाम चुनने के दौरान किन बातों का रखना है ध्यान

डोमेन नाम क्या है


डोमेन की परिभाषा मैं आपको सिर्फ एक लाइन में बता सकता हूँ कि “डोमेन नाम इन्टरनेट की दुनिया में एक पता (address) है जिसके द्वारा आप किसी भी वेबसाइट पर पहुचते हैं।” उदहारण के लिए आप मेरी वेबसाइट को देख लीजिये hindish.com मेरी वेबसाइट का डोमेन नामहै जिसके जरिये आप मेरी वेबसाइट तक पहुचे और ऐसे ही आप जिस भी वेबसाइट को Visit करते हैं उस वेबसाइट के डोमेन के द्वारा ही आप उस वेबसाइट तक पहुच सकते हैं जैसे-

  1. google.com
  2. facebook.com
  3. YouTube.com
  4. hindish.com

ये सब डोमेन नाम ही हैं।

दूसरे शब्दो में कहे तो जैसे यहाँ पर हम सब के घर का एक अलग पता होता है, बस इन्टरनेट की दुनिया में भी डोमेन नाम एक  वेबसाइट का पता ही होता है।जैसे बिना एड्रेस के आप किसी के घर नहीं जा सकते वैसे ही यहाँ बिना डोमेन नाम के आप किसी वेबसाइट पर नहीं जा सकते। तो उमीद तो यह करता हूँ की आप यही तक अच्छे तरीके से समझ गए होंगे लेकिन ये तो सिर्फ मैंने यह समझाया कि डोमेन नाम क्या है। डोमेन के बारे में असली जानकारी तो अब शुरू होती है।शुरुवाती दौर में जब वेबसाइट कम थी तो IP address से ही काम चल जाता था जो दिखने में कुछ  284.243.1158.912 इस तरह का होता था ।लेकिन धीरे धीरे वेबसाइट की संख्या बढती गयी तो और फिर इस तरह का पता याद रखना आसान नहीं था आप खुद सोच सकते हैं की यदि google, facebook, जैसी वेबसाइट के नाम अगर 284.243.1158.912,  384.223.198.972 इस तरह होता तो याद करते करते सबके पसीने छूट जाते इसलिए इस समस्या को सुलझाने के लिए बाद में डोमेन नाम प्रणाली (domain name system) को बनाया गया इसको हम short में DNS भी कहते हैं। डोमेन provide करने का काम अमेरिका की कंपनी ICANN ( Internet Corporation for Assigned Names and Numbers) करती है।तो अब जानते हैं यह DNS कैसे काम करता है ।

डोमेन कैसे काम करता है


DNS domain name system जिसको हम हिन्दी में डोमेन नाम प्रणाली भी कहते हैं यह हमारे काम को बहुत आसान कर देता है की इंसान किसी भी डोमेन को आसानी से याद रख सकता है example- hindish.com ।हम यह कह सकते हैं की डोमेन IP address का ही एक विकल्प है जो हमको तो डोमेन name के रूप में दिखाई देता है लेकिन इन्टरनेट पर जाते ही IP address में बदल जाता है।जैसे ही कोई इन्टरनेट यूजर अपने web browser में किसी वेबसाइट का डोमेन नेम डालता हैं तो वह server पर जाकर एक IP address में बदल जाता है और हम उस IP address तक यानी उस वेबसाइट पर आसानी से पहुच जाते है फिर आपको जो पढना है जो देखना है आराम से आप कर सकते हैं ।

डोमेन नाम क्या है


डोमेन की परिभाषा मैं आपको सिर्फ एक लाइन में बता सकता हूँ कि “डोमेन नाम इन्टरनेट की दुनिया में एक पता (address) है जिसके द्वारा आप किसी भी वेबसाइट पर पहुचते हैं।” उदहारण के लिए आप मेरी वेबसाइट को देख लीजिये hindish.com मेरी वेबसाइट का डोमेन नामहै जिसके जरिये आप मेरी वेबसाइट तक पहुचे और ऐसे ही आप जिस भी वेबसाइट को Visit करते हैं उस वेबसाइट के डोमेन के द्वारा ही आप उस वेबसाइट तक पहुच सकते हैं जैसे-

  1. google.com
  2. facebook.com
  3. YouTube.com
  4. hindish.com

ये सब डोमेन नाम ही हैं।

दूसरे शब्दो में कहे तो जैसे यहाँ पर हम सब के घर का एक अलग पता होता है, बस इन्टरनेट की दुनिया में भी डोमेन नाम एक  वेबसाइट का पता ही होता है।जैसे बिना एड्रेस के आप किसी के घर नहीं जा सकते वैसे ही यहाँ बिना डोमेन नाम के आप किसी वेबसाइट पर नहीं जा सकते। तो उमीद तो यह करता हूँ की आप यही तक अच्छे तरीके से समझ गए होंगे लेकिन ये तो सिर्फ मैंने यह समझाया कि डोमेन नाम क्या है। डोमेन के बारे में असली जानकारी तो अब शुरू होती है।शुरुवाती दौर में जब वेबसाइट कम थी तो IP address से ही काम चल जाता था जो दिखने में कुछ  284.243.1158.912 इस तरह का होता था ।लेकिन धीरे धीरे वेबसाइट की संख्या बढती गयी तो और फिर इस तरह का पता याद रखना आसान नहीं था आप खुद सोच सकते हैं की यदि google, facebook, जैसी वेबसाइट के नाम अगर 284.243.1158.912,  384.223.198.972 इस तरह होता तो याद करते करते सबके पसीने छूट जाते इसलिए इस समस्या को सुलझाने के लिए बाद में डोमेन नाम प्रणाली (domain name system) को बनाया गया इसको हम short में DNS भी कहते हैं। डोमेन provide करने का काम अमेरिका की कंपनी ICANN ( Internet Corporation for Assigned Names and Numbers) करती है।तो अब जानते हैं यह DNS कैसे काम करता है ।

डोमेन कैसे काम करता है


DNS domain name system जिसको हम हिन्दी में डोमेन नाम प्रणाली भी कहते हैं यह हमारे काम को बहुत आसान कर देता है की इंसान किसी भी डोमेन को आसानी से याद रख सकता है example- hindish.com ।हम यह कह सकते हैं की डोमेन IP address का ही एक विकल्प है जो हमको तो डोमेन name के रूप में दिखाई देता है लेकिन इन्टरनेट पर जाते ही IP address में बदल जाता है।जैसे ही कोई इन्टरनेट यूजर अपने web browser में किसी वेबसाइट का डोमेन नेम डालता हैं तो वह server पर जाकर एक IP address में बदल जाता है और हम उस IP address तक यानी उस वेबसाइट पर आसानी से पहुच जाते है फिर आपको जो पढना है जो देखना है आराम से आप कर सकते हैं ।

डोमेन नाम क्या है


डोमेन की परिभाषा मैं आपको सिर्फ एक लाइन में बता सकता हूँ कि “डोमेन नाम इन्टरनेट की दुनिया में एक पता (address) है जिसके द्वारा आप किसी भी वेबसाइट पर पहुचते हैं।” उदहारण के लिए आप मेरी वेबसाइट को देख लीजिये hindish.com मेरी वेबसाइट का डोमेन नामहै जिसके जरिये आप मेरी वेबसाइट तक पहुचे और ऐसे ही आप जिस भी वेबसाइट को Visit करते हैं उस वेबसाइट के डोमेन के द्वारा ही आप उस वेबसाइट तक पहुच सकते हैं जैसे-

  1. google.com
  2. facebook.com
  3. YouTube.com
  4. hindish.com

ये सब डोमेन नाम ही हैं।

दूसरे शब्दो में कहे तो जैसे यहाँ पर हम सब के घर का एक अलग पता होता है, बस इन्टरनेट की दुनिया में भी डोमेन नाम एक  वेबसाइट का पता ही होता है।जैसे बिना एड्रेस के आप किसी के घर नहीं जा सकते वैसे ही यहाँ बिना डोमेन नाम के आप किसी वेबसाइट पर नहीं जा सकते। तो उमीद तो यह करता हूँ की आप यही तक अच्छे तरीके से समझ गए होंगे लेकिन ये तो सिर्फ मैंने यह समझाया कि डोमेन नाम क्या है। डोमेन के बारे में असली जानकारी तो अब शुरू होती है।शुरुवाती दौर में जब वेबसाइट कम थी तो IP address से ही काम चल जाता था जो दिखने में कुछ  284.243.1158.912 इस तरह का होता था ।लेकिन धीरे धीरे वेबसाइट की संख्या बढती गयी तो और फिर इस तरह का पता याद रखना आसान नहीं था आप खुद सोच सकते हैं की यदि google, facebook, जैसी वेबसाइट के नाम अगर 284.243.1158.912,  384.223.198.972 इस तरह होता तो याद करते करते सबके पसीने छूट जाते इसलिए इस समस्या को सुलझाने के लिए बाद में डोमेन नाम प्रणाली (domain name system) को बनाया गया इसको हम short में DNS भी कहते हैं। डोमेन provide करने का काम अमेरिका की कंपनी ICANN ( Internet Corporation for Assigned Names and Numbers) करती है।तो अब जानते हैं यह DNS कैसे काम करता है ।

डोमेन कैसे काम करता है


DNS domain name system जिसको हम हिन्दी में डोमेन नाम प्रणाली भी कहते हैं यह हमारे काम को बहुत आसान कर देता है की इंसान किसी भी डोमेन को आसानी से याद रख सकता है example- hindish.com ।हम यह कह सकते हैं की डोमेन IP address का ही एक विकल्प है जो हमको तो डोमेन name के रूप में दिखाई देता है लेकिन इन्टरनेट पर जाते ही IP address में बदल जाता है।जैसे ही कोई इन्टरनेट यूजर अपने web browser में किसी वेबसाइट का डोमेन नेम डालता हैं तो वह server पर जाकर एक IP address में बदल जाता है और हम उस IP address तक यानी उस वेबसाइट पर आसानी से पहुच जाते है फिर आपको जो पढना है जो देखना है आराम से आप कर सकते हैं ।

इसके अलावा ICANN एक बहुत अच्छी facility देता है वह यह की जैसे आप special India के लिए वेबसाइट बनाना चाहते है या किसी और country के लिए बनाना चाहते है।तो आपके कुछ इस तरह का डोमेन उपयोग कर सकते हैं –

जाने इन्टरनेट कैसे काम करता है 

ccTLD – country cod top level domain-

  • .In(India के लिए )
  • .Gb(Great Britain के लिए )
  • .Au(Australia के लिये )
  • .Us(United State America के लिए)

और इसी तरह बहुत सारी country के लिए अलग-अलग है ।यदि आप फ्री का एक्सटेंशन लेना चाहते हैं तो वह भी उपलब्ध हैं लेकिन उनपर काम करना न करना बात बराबर है। क्योंकि कोई भी सर्च इंजिन प्रोरिटी paid एक्सटेंशन वाले डोमेन्स को ही देता है। जो मैंने आपको उपर बताये free के कुछ extensions ये रहे-

  • .co.cc
  • .co.nr
  • .dotfree.com
  • .free .in
  • biz.nf
  • .tk

कुछ इस तरह तो आपको पता चल ही गया होगा उनके नाम पढ़ के ही की कौन सा बेहतर है । डोमेन name को 4 या चार भागो में विभक्त किया जाता है जैसे

1- http:// (यह prefix है )

2-www. (यह sub domain है )

2- hindish (यह name  है )

3- .com (यह TLD/extension है )

तो आप देख सकते हैं की किन चार भागो में divide किया गया है।  2nd वाला sub domain किसी में रहता है किसी में नहीं वह website owner  के उपर depend करता है की वह रखना चाहता है या नहीं ।

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